आवश्यकता से अधिक भोजन करने से अजीर्ण उत्पन्न होता है

 तथा स्वास्थ्य की हानि होती है

 समय पर भोजन करने से स्वास्थ्य की रक्षा तथा बल की वृद्धि होती है

 अनियमित भोजन करने से पाचन शक्ति में अनियमितता उत्पन्न होती है

 उपवास ( सप्ताह में एक बार ) करने से शरीर के आमदोष आदि विषैले तत्त्वों का शमन होता है

 लम्बे समय तक उपवास रखने से स्वास्थ्य की क्षति होती है 

 भोजन से तुरन्त पहले एवं तुरत बाद में जल पीने से जठराग्नि मंद होती है

 अधिक मात्रा में ठण्डे पेय पदार्थ पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है

 तथा कफ अधिक मात्रा में बनता है ।